Sanjhipt Parichay
Prasasnik Dancha
Labharti
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विभाग के अधिकारी और कर्मचारियो की शकटिया एवं कर्तव्य

प्रशासनिक ढांचा
समन्वित बाल विकाश कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु निम्नांकित कार्यालय स्थापित है:-
शासन स्तर

समाज कल्याण आयुक्त
सचिव / प्रमुख सचिव
विशेष सचिव
अनुसचिव

निर्देशलय स्तर

निर्देशक
अपर निर्देशक (प्रशा.)
अपर निर्देशक (वित्त)
उप निर्देशक
सहायक निर्देशक
वित्त एवं लेखाधिकारी
विधि अधिकारी
संप्रेषक्षा अधिकारी

जनपद स्तर

जिला कार्यक्रम अधिकारी

परियोजना स्तर

बाल विकास अधिकारी

क्षेत्र स्तर

मुख्य सेविका

ग्राम स्तर

आंगनबाड़ी कार्यकत्रि
आंगनबाड़ी सहायिका
भारत सरकार के मानक के अनुसार 500 – 1500 केआई जनसंख्या पीईआर ईके आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किया जाना एचएआई। जहा पीईआर आंगनबाड़ी कार्यकत्री / सहायिका प्रति केंद्र कार्य करेगी, जो योजना के सफल क्रियान्वयन की प्रमुख कड़ी है ।
समन्वित बाल वीआईकेएएसएच कार्यक्रम के अंतर्गत सेवाओ केओ प्रदान करने मे सामुदायिक स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री उत्तरदायित्व है ।
आंगनबाड़ी के पर्यवेक्षण के लिए सामन्यात: प्रत्येक 25 आंगनबाड़ी केन्द्रो पर एक मुख्यसेविका की नियुक्ति की गई है।
परियोजना के अंतर्गत आने वाले सभी केन्द्रो के संचालन के लिये परियोजना स्तर पर बाल विकास प्रियोजन अधिकारी के अधीन परियोजन कार्यालय की स्थापना की गई है।
जनपद की समस्त परियोजनाओ के संचालन, परिवेक्षण एवं जनपद हेतु आवंटित बजट के आहरण वितरण का दायित्व जिला कार्यक्रम अधिकारी का होता है।
राज्य स्तर पर निरदेशक, बाल विकाश सेवा एवं पुष्टाहार द्वारा विभाग की समस्त गति विधियों का नियंत्रण किया जाता है ।


निदेशक, बाल विकास सेवा एंव पुश्टहार के दायित्व एवं अधिकार

कार्यक्रम के प्रभावी संचालन हेतु वर्श 1988 में प्रदेष स्तर पर निदेषक, बाल विकास सेवा एवं पुष्ठाहार के अधीन निदेषालनय की स्थापना की गयी जिनका विभागाध्यक्ष के रूप मे षासन द्वारा निर्धारित नीति निर्देषों के अनुसार विभागीय गतिविधियों एवं समस्त योजनाओं के संचालन एवं प्रदेष स्तर पर कार्मिकों के प्रबन्धन का दायित्व है।

निदेषालय स्तर पर निदेषक के अधीन वरिश्ठ प्रषासनिक एवं प्रादेषिक वित्तीय सेवा, विधिक सेवा के साथ अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा विभाग के क्रियाकलापों के संचालन में सहयोग दिया जाता है ।

जिला कार्यक्रम अधिकारियों का दायित्व

जनपद स्तर पर मुख्य सेविका एवं लिपिक संवर्ग का कार्मिक प्रबन्धन।
परियोजना एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन एवं प्रबन्धन।
जनपद स्तर पर आहरण वितरण का अधिकार।
अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करना।
समस्त विभागीय योजनाओं का प्रभावी पर्यवेक्षण एवं यथा आवश्यक मार्गदर्षन प्रदान करना।
जनपद की सभी परियोजनाओं से सूचनाओं को प्राप्त करके संकलित करना एवं उच्च स्तर पर प्रेशण करना।
शासन एवं निदेषालय के निर्देषानुसार अन्य कार्य।

बाल विकास परियोजना अधिकारियों का दायित्व

प्रारम्भिक कार्य

सर्वेक्षण करना।
आवश्यक आधारभूत सूचना के आधार पर परियोजना रिर्पोट तैयार करना।
सामुदायिक सम्पर्क एवं षिक्षा।
समेकित बाल विकास सेवा योजना में स्थानीय समुदाय को सम्मिलित करना एवं सहभागिता प्राप्त करना तथा शैक्षिक कार्यक्रमों एवं प्रदर्षनो की व्यवस्था।
स्थानीय कार्यकर्ताओं/एजेसिंयो/निकायो के सम्पर्क करना/रखना।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से कार्यात्मक सम्पर्क बनाए रखना।
परियोजना समन्वय समिति की बैठक का संचालन।
ग्राम स्तर की समन्वय समितियों के गठन में सहायता देना।
भवन/सामग्रियों को प्राप्त करने के लिए स्थानीय समुदाय से योगदान प्राप्त करना।

कार्मिक प्रबन्ध

कार्यकर्ताओं की नियुक्ति एवं प्रषिक्षण।
कर्मचारी विकास हेतु षैक्षिणिक कार्यक्रमों एवं प्रदर्षनों की व्यवस्था करना।
परियोजना स्तर की बैठकों द्वारा परियोजना टीम का पर्यवेक्षण।
परियोजना टीम का कार्य निर्देषन।
नियतकालिक क्षेत्रीय भ्रमण करना।

कार्यक्रम के निश्पादन का अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण

कार्यक्रम/सेवाओं के प्रतिदिन के क्रियान्वयन हेतु मुख्य प्रषासकीय कार्यकर्ता।
क्षेत्रीय भ्रमणों द्वारा परियोजना टीम का पर्यवेक्षण।
रिकार्ड एवं रजिस्टरों का रखरखाव।
नियत कालिक प्रगति रिपोर्ट की तैयारी करना एवं अग्रसारित करना।

सामग्री एवं वित्तीय प्रबन्ध

उपकरणों, सामग्री एवं पूरक पोशाहार आदि की आपूर्ति ढुलाई, भण्डारण एवं वितरण।
उपकरणों सम्बन्धी लेखा रखरखाव एवं उपकरणों का रखरखाव।
आहरण वितरण अधिकारी के रूप में बजट का आवंटन एवं आंगनबाड़ी गतिविधियों हेतु फण्डा को जारी करना।


मुख्य सेविकाओ को दायित्व एवं कार्य

  दायित्व 

कार्य  

 

प्रशिक्षण एवं निरन्तर शिक्षा

 

 

दायित्व संख्या-1     

 

 

प्रशिक्षण एवं अपेक्षित कार्यो के मध्य अन्तराल की पूर्ति हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों का निरन्तर कार्य- निर्देशन

1.

आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री को परियेाजना एवं उसके कार्यो से परिचित कराना।

 

2.

आंगनबाड़ी के नियमित दौरों एवं रिकार्ड तथा रजिस्टरों की जांच द्वारा आंगनबाड़ी के कार्य निष्पादन का अवलोकन करना।

 

3.

आंगनबाड़ी कार्यत्र्रियों की योग्यताओं एवं कमियों का मूल्यांकन करना।

 

4.

वास्तविक प्रदर्शन द्वारा कार्य निर्देशन से उनकी योग्यताओं एवं क्षमताओं मे वृद्वि करना।

 

5.

सर्वेक्षण करने, त्रैमासिक आधार पर सर्वेेक्षण के आंकड़ो को अद्यतन करने एवं परिवारों की सही सूची बनाने, सही लाभार्थियों के चयन में आंगनबाड़ी  कार्यकत्र्रियों को निर्देशन देना। सर्वेक्षण रजिस्टर के अद्यतन आंकड़ो की जांच करना।

 

6.

यह जांच करना  कि निम्न सामाजिक आर्थिक स्तर के परिवारों एवं अतिकुपोषित विशेष रूप् से 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लाभार्थी के रूप् में दर्ज किया गया है।

 

7.

विशेष रूप् से अतिकुपोषित बच्चों की सही आयु के निर्धारण, उनका सही वजन लेने एवं वजन की वृद्वि चार्ट पर अंकित करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री का निर्देशन।

 

8.

खतरे की सम्भावित स्थिति वाले बच्चों एवं माताओं की पहचान में कार्यकत्र्री की सहायता करना एवं उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल भेजना।

 

9.

प्रारम्भिक बाल्यावस्था की निर्योग्यताओं की रोकथाम एवं उचित समय पर पहचान में कार्यकत्र्री को सहायता।

 

10

माताओं को स्वास्थ्य एवं पोषहार शिक्षा प्रदान करने की प्रभावी विधियों का आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री को प्रदर्शन।

 

11.

सर्वेक्षण एवं प्रतिरक्षीकरण रजिस्टरों में  जन्म और मृत्यु की प्रविष्टियों की जांच करना।

 

12.

कहानी सुनानी, भूमिका निर्वाह, रंगो की पहचान आदि की तकनीकों के प्रदर्शन द्वारा स्कूल पूर्व शिक्षा गतिविधियों के आयोजन में कार्यकत्र्री को निर्देशन।

पर्यावेक्षण

 

दायित्व सं0-2 एवं 3

महीने में कम से कम एक बार प्रत्येक आंगनबाड़ी का भ्रमण, सप्ताह में कम से कम एक  बार एल0एच0वी0 के साथ आंगनबाड़ी के संयुक्त भ्रमण हेतु सम्पर्क, क्षेत्रीय मुख्यालय में प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक नाइट हाल्ट करना।

1.

विशेष रूप से ऐसी आंगनबाड़ीयों को प्राथमिकता देते हुए भ्रमण कार्यक्रम बनाना जहां पिछले भ्रमण के दौरान कुछ कमियों का अवलोकन किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी को अग्रिम भ्रमण कार्यक्रम प्रस्तुत करना।

 

2.   

जहां सम्भव हो एल0एच0वी0 के साथ संयुक्त भ्रमण करना।

 

3.   

पिछले एवं वर्तमान केन्द्र भ्रमण के मध्य ए0एन0एम0 द्वारा आंगनबाड़ी के भ्रमणों की संख्या ज्ञात करना। यह भी ज्ञात करना कि ए0एन0एम0 के केन्द्र भ्रमण का बच्चों की ंस्वास्थ्य जांच, प्रतिरक्षीकरण एवं स्वास्थ्य तथा पोषाहार शिक्षा आयोजन हेतु उचित उपयोग किया गया अथवा नहीं। यह जानकारी प्राप्त करना कि अधिक बीमार बच्चे जो आंगनबाड़ी बीमारी के कारण आने में असमर्थ है, के घरों का आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री एवं ए0एन0एम0 द्वारा संयुक्त भ्रमण किया गया अथवा नहीं।

 

4.   

प्रतिरक्षित बच्चों की संख्या ज्ञात करना एवं बाल विकास परियेाजना अधिकारी को इसकी सूचना देना।

 

5.   

लाभार्थियों को उपस्थिति के आधार पर तैयार एवं वितरित पोषाहार की मात्रा की जांच करना।

 

6.   

आंगनबाड़ी केन्द्र में खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता एवं स्टाक में मात्रा को आकस्मिक जांच द्वारा सत्यापित करना।

 

7.   

वर्ष में एक बार आंगनबाड़ी केन्द्र के स्टाक/नाशवान स्टाक का भौतिक सत्यापन करना।

लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान करना       

1.

रिकार्ड में अंकित वजन का अतिकुपोषित बच्चों का वजन लेकर सत्यापन करना एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों को इन बच्चों के पुनर्वास हेतु निर्देशन देना।

 

2.   

अतिकुपोषित एवं खतरे की संभावित स्थिति वाली माताओं के घर भ्रमण करना एवं कार्यकत्र्री तथा माताओं को उचित देखभाल हेतु निर्देशन देना।

सम्पर्क एवं संयोजन        

1.

ग्राम- नेताओं एवं स्थानीय संस्थाओं (महिला मण्डल, पंचायत, प्राथमिक स्कूल, युवा क्लब) से सम्पर्क बनाए रखना एवं उन्हें कार्यक्रम में सम्मिलित करना।

 

2.   

अपने क्षेत्र मेंु आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों की मासिक बैठक आयोजित करना एवं सम्बद्व एल0एच0वी0 की बैठक में सह भागिता निश्चित करना।

प्रशासन     

 

 

दायित्व संख्या-4    

 

 

1. मासिक/क्षे़त्रीय बैठकें आयोजित करना     

1.    

अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों की मासिक बैठक आयोजित करना एवं सम्बद्व एल0एच0वी0 की बैठक में सहभागिता निश्चित करना।

 

2.   

पिछले माह किए गये कार्य/आंगनबाड़ी मे आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की समय-सारणी की समीक्षा करना। आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों एवं ए0एन0एम0 के लिए बैठक में निरन्तर शिक्षा हेतु  विषयों का चुनाव करना (जैसे वृद्वि अनुश्रवण, अतिसार में देखभाल स्थानीय कारणों से होने वाली बीमारियों में देखभाल इत्यादि)

दायित्व संख्या- 5   

 

 

2. रिकार्ड एवं रजिस्टरों का रख-रखाव          

1.

किए गए कार्य का रिकार्ड रखने के लिए डायरी के रख-रखाव

 

2.   

अपने क्षेत्र की आॅगनबाड़ियों के जनसांख्यिकीय आंकड़े गर्भवती एवं धात्री माताओं की संख्या, विभिन्न सेवाओं के लिए लाभार्थियों की संख्या अतिकुपोषित बच्चों की संख्या आदि का ब्योरा रखना।

 

3.   

 

निम्नलिखित के लिए त्रैमासिक/वार्षिक योजना बनाना।

 

क)   

प्रतिरक्षीकरण

 

ख)   

पूरक पोषाहार

 

ग)   

स्वास्थ्य एवं पोषाहार शिक्षा हेतु माताओं की बैठक।

 

घ)

महिला मण्डलों की बैठकों

दायित्व संख्या-6

 

 

3. बाल विकास परियेाजना अधिकारी

1.

आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री के रिकार्ड की जांच करना। उन कार्यकत्र्रियों पर विशेष ध्यान देना जिनके रिकार्ड एवं रजिस्टर भलीभाॅति नहींे रखे गये है। उन्हें रिकार्ड एवं रजिस्टरों के रख-रखाव हेतु प्रशिक्षित करना। सही रिपोर्ट देने के महत्व पर बल देना।

दायित्व संख्या-7

 

 

4. मासिक  बैठकों में बाल विकास परियोजना अधिकारी को सहायता देना।

1.    

अपने क्षेत्र केा सभी आॅगनबाड़ियों की समेकित मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करना एवं बाल विकास परियेाजना अधिकारी को यथासमय प्रस्तुत करना।

 

2.

रिकार्ड एवं रजिस्टरों से रिपोर्ट किए गए, आंकडों की सांयोगिक जांच करना।

 

3.   

अपनी डायरी में प्रत्येक आंगनबाड़ी द्वारा रिपोर्ट किए गए आंकड़ों एवं समेकित रिपेार्ट को भविष्य के सन्दर्भ हेतु दर्ज करना।

 

4.

कार्यक्रम क्रियान्वयन की कमियों एवं उपलब्धियों को अंकित करना एवं जहां आवश्यकता हो सुधारात्मक उपायों को इंगित करना।

 

5.   

प्रत्येक माह की पांच तारीख तक बाल विकास परियोजना अधिकारी को समेकित प्रगति आख्या प्रस्तुत करना।

 

6.   

क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों एवं सहायिकाओं को मानदेय का भुगतान करना।

 

7.

अपने क्षेत्र की किसी कार्यकत्र्री और सहायिका के अवकाश लेने पर वैकल्पिक व्यवस्था करना।

 

8.

आगामी क्षेत्रीय हेतु पारस्परिक रूप में उपयुक्त तिथि निर्धारित करना।

 

9.   

बैठक में क्षेत्र की कोई विशेष घटना या उपलब्धि/समस्या की जानकारी देना।

 

10.   

परियोजना कार्यालय से  आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों को सामग्रियां निर्गत कराना।

 

11.

क्षेत्र की सभी आॅगनबाड़ियों में उपकरणो/सामग्रियों की आवश्यकता को सूचीबद्व करके बाल विकास परियेाजना अधिकारी को सूचित करना।

दायित्व संख्या-8

 

 

5. परियोजना अधिकारी द्वारा समय-समय पर सौपें गए कार्यो का निष्पादन।      

 

 

6. मूल्यांकन 

1.

क्षेत्र की मासिक प्रगति रिपोर्टा की समीक्षा।

 

2.   

आंगनबाड़ी के कार्य का मूल्यांकन

 

3.   

कार्यकत्र्री के कार्य निष्पादन का विश्लेषण

 

4.

अपेक्षित परिणामों की प्रगति के लिए त्रैमासिक/वार्षिक कार्य योजना बनाना।

सहायताः-

1.

कार्यकत्र्रियों/सहायिकाओं की कार्य से सम्बधित समस्याएं ज्ञात करना एवं उनके समाधान के लिए निर्देशन देना।



शासन के पत्रसंख्या-1699/60-2-08-2/1(14)/98 दिनांक 19.05.08 द्वारा दिनांक 09.05.08 को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में सुपरवाइजर्स एसोसिएषन की मांगों पर विचार किये जाने हेतु आयोजित बैठक की कार्यवृत्ति प्राप्त हुई। तत्क्रम में एषोसिएषन की यह मांग है कि मुख्य सेविकाओं से क्षेत्रीय भ्रमण के साथ-साथ उनसे कार्यालय का भी कार्य लिया जा रहा है जिसके कारण मुख्य सेविकाओं को भ्रमण एवं निरीक्षण आदि में कठिनाई उत्पन्न हो रही है जिस कारण योजना के उद्देष्यों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस परिप्रेक्ष्य में षासन द्वारा यह निर्णय लिया गया कि मुख्य सेविकाएं सप्ताह में अधिकतम दो दिन अर्थात सोमवार व षुक्रवार को कार्यालय आयेगी तथा षेश दिनांक में फील्ड में रहकर कार्य करेगी। उक्त दिवस में अवश्यकतानुसार ही 5ः00 बजे तक कार्य कराया जाए।

आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों के दयित्व एवं भूमिका

कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समुदाय से सहयोग एवं सहभागिता प्राप्त करना।
प्रत्येक बच्चों का प्रत्येक माह वजन लेना और वजन को ग्रोथचार्ट में दर्ज करना, माताओं एवं बच्चों को आवश्यकतानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/उप स्वास्थ्य केन्द्र को सन्दर्भित करना, 6 वर्श से कम बच्चों का ब्यौरा तैयार करके अद्यतन रखना और आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करना।
वर्श में एक बार क्षेत्र के समस्त परिवारों का सर्वे करना जिसमें माताओं एवं षिषुओं पर विषेश ध्यान देना।
आंगनबाणी केन्द्रो पर 3 से 6 वर्श के बच्चों के लिए अनऔपचारिक स्कूल पूर्व षिक्षा की गतिविधियों का संचालन करना और आंगनबाड़ी केन्द्र पर उपयोग करने के लिए बच्चों को खिलौने बनाने एवं खेलने के उपकरण बनाने में सहयोग करना।
0-6 वर्श के बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को अनुपूरक पोशाहार प्रदान करना।
माताओं को स्वस्थ्य एवं पोशण षिक्षा प्रदान करना और स्तनपान एवं बच्चों की देखभाल/खान-पान के लिए परामर्ष देना। कार्यकत्र्री द्वारा नम विवाहित स्त्रियों को परिवार नियोजन के विशय में अवगत कराते हुए प्रोत्साहित किया जाना।
केन्द्र पर आने वाली गर्भवती/धात्री महिलाओं को बच्चों के जन्म का पंजीकरण कराने में भी सहयोग देना और इस कार्य के लिए पंजीकरण करने वाले गांव के रजिस्ट्रार के साथ सूचना का आदान-प्रदान करना।
गृहभ्रमण करके अभिभावको को बच्चे के सर्वागीण विकास की जानकारी देना, विषेश रूप से नवजात बच्चों के बारे में।
केन्द्र के निर्धारित अभिलेखों का रख-रखाव करना।
स्वास्थ्य कर्मी को टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण इत्यादि में सहायता करना।
यदि जगह की सुविधा उपलब्ध हो तो आई0एफ0ए0 तथा विटामिन ए की सामग्री रखकर ए0एन0एम0 को वितरण में सहयोग देना। इसके लिए कार्यकत्र्री को अतिरिक्त अभिलेख बनाने की आवयकता नहीं होगी।
केन्द्र पर प्राप्त सूचनाओं को ए0एन0एम0 को भी आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराना, लेकिन ए0एन0एम0 अपने स्तर से भी सूचना संकलित करेगी केवल आंगनबाड़ी केन्द्र ही इसका श्रोत नहीं होगा।
गांवों में किसी प्रकार की प्रगति जो कि सहयोगी संस्थाओं/विभागों द्वारा की गयी है को निरीक्षण अथवा बैठक के समय मुख्य सेविका/बाल विकास परियोजना अधिकारी को अवगत कराना।
महिला मण्डल/षिक्षकों एवं प्राइमरी/सेकेण्डरी विद्यालयों को महिला षिक्षिकाओं एवं छात्राओं से कार्यक्रम के क्रियान्वयन को बेहतर करने में सहयोग लेना।
राश्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वास्थ्य कर्मी (आषा) को अपेक्षानुसार मार्गदर्षन देना।
किषोरी षक्ति योजना के क्रियान्यन में सहयोग देना और किषोरी बालिकाओं एवं उनके परिवारों को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाना।
किषोरी बालिकाओं के लिए पोशहार कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करना तथा अभिलेख तैयार करना।
यदि सम्भव हो तो आर0सी0एच0 किट्स, गर्भ निरोधक एवं प्रसूति सम्बन्धी उपकरणों को अपनी अभिरक्षा में रखना। लेकिन इन उपकरणों/किट्स का उपयोग एवं वितरण ए0एन0एम0 या आषा कर्मी या स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिकृत कर्मचारी द्वारा ही किया जायगा।
गृह भ्रमण एवं अन्य किसी भी प्रकार से संज्ञान में आने पर बच्चों में अपगंता की पहचान करके आवश्यकतानुसार संदर्भित करना।
पल्स पोलियो कार्यक्रम में निर्देषानुसार सहयोग देना।
डायरिया, कालरा, इत्यादि जैसे आकस्मिकताओं के सम्बन्ध में ए0एन0एम0 को व्याक्तिगत रूप से/पत्र/दूरभाश या अन्य किसी माध्यम से सूचित करना।

आंगनबाड़ी सहायिकाओं के दायित्व एवं भूमिका

केन्द्र के बच्चों एवं महिलाओं को पोशाहार बांटना।
आंगनबाड़ी केन्द्रों की साफ-सफाई एवं पानी भरना।
छोटे बच्चों की साफ-सफाई करना।
छोटे बच्चों को इकट्ठा करके केन्द्र तक लाना तथा बभिभावकों को केन्द्र पर बच्चों को समय से भेजे जाने हेतु प्रेरित करना।



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