Sanjhipt Parichay
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विभाग की विशिष्टियों, कृत्य और कर्तव्य

विशिष्टियाँ:-

अति कुपोषित एवं आंशिक रूप से कुपोषित बच्चो की संख्या मे कमी लाना
   
शिशु म्रत्यु दर मे कमी लाना।
   
कम वजन वाले नवजात शिशुओं की संख्या मे कमी लाना।
   

कृत्य

नवजात शिशुओं की देखबाल एवं प्रारम्भिक शिक्षा
   
स्वस्थ प्रतिरक्षण (टीकाकरण)
   
स्वास्थ्य जांच
   
स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा
   
दिशा निर्देशन एवं सन्दर्भ सेवायें

कर्तव्य:-

बच्चो के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की निव डालना।
   
06 वेर्ष से छोटे बच्चो के स्वास्थ्य एवं पोषण मे सुधार लाना।
   
म्रत्युदर, अस्वस्थता, कुपोषण एवं स्कूल की पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चो के दर मे कमी लाना।
   
बाल विकास को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न विभागो के बीच नीति निर्धारण एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन हेतु हर स्तर पर उचित समन्वय स्थापित करना।
   
उचित सामुदायिक शिक्षा के माध्यम से माताओं की क्षतमताओ का विकास करना, जिससे वे बच्चो के स्वस्थय, पोषण विकास की आवश्यकताओं को पहचान सके और देखभाल सके।


उपरोक्त उद्देश्य की पूर्ति हेतु 500-1500 की आबादी पर अगनवाड़ी केंद्र की स्थापना की जाती है।
महिलाओं एवं शिशुओ के कालयार्थ विभिन्न विभागो द्वारा संचालित कार्यक्रमों के समानव्य एवं अनुश्रवण करने तथा महिलाओं को देश की मुख्य विकास की धारा मे सम्मिलित करने, उनको सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मा निर्भर बनाने के दृस्टिगत बाल विकास सेवा एवं पुष्ठाहार विभाग की स्थापना की गयी है ।
देश का भविष्य 06 वर्ष के बच्चो मे निहित है । आज के बच्चे कल के नागरिक है इसलिए यह आवश्यक है कि बच्चो के सर्वगीण विकास कि आवश्यकता है । इसके लिये बच्चो के गर्भ मे आने से लेकर ही देखभाल किया जाना नितांत आवश्यक है । इसके लिये बच्चे के स्वास्थ, शिक्षा तथा पोषण के लिये समुचित व्यवस्था किये जाने कि अवश्यकता है । संकेतिक बाल विकास सेवा (आई0 सी0 डी0 एस0) योजना का प्रारम्भ 2 अक्टूबर 1975 केओ पूरे भारत वर्ष मे बच्चो के सर्वगीण विकास एवं उनकी मूलभूत आवश्यकता केआई पूर्ति हेतु किया गया । प्रदेश मे वर्ष 1975 मे 3 विकास खंडो मे गर्भावती / धत्री माताओं एवं बच्चो आदि केओ कुपोष एसई बचाने केई लिये, उनको समन्वित विकास केई लिये भारत सरकार केई सहयोग से यह परियोजना प्रारम्भ के आई गयी ।

लाभपत्र :-

06 माह से तीन वर्ष के शिशु
03 से 06 वर्ष तक के बच्चे
गर्भवती महिला
किशोरी बालिकाये

हमारा संकल्प :-

बाल विकस सेवा एवं पुष्टहार विभाग, 06 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओ क स्वास्थ पोषण तथा क्षक्षिक स्तर मे गुणात्मक सुधार लाने के लिये प्रतिबद्ध है । इसके लिये भारत सरकार द्वारा प्रदेश को अवश्यक वित्तीय संसोधन तथा अन्या प्रकार से सहयोग प्रदान करती है, जिसके द्वारा बच्चो के सर्वांगीणविकस अच्छे स्वस्थया कोपोषण को दूर करने के लिये अनपूरक पोषाहार तथा स्कूल पूर्व शिक्षा ग्रहण करने के लिये विभिन्न कार्यक्रम चलाये जेए आरएएचई है । साथ एचआई साथ किशोरी बलिकाओं को स्वास्थया शिक्षा एयूआर व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कारकर उनको सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सुसंगत बनाने हेतु कार्यक्रम चलाये जा रहे है । इसके अतिरिक्त विश्व बैंक , केयर , विश्व खाद्य कार्यक्रम तथा यूनिसेफ द्वारा भी समय – समय पर विभिन्न पीआरएकेएआर एसई सहायता तथा मार्ग दर्शन प्रदान किया जाता है।

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